तुम

तुम मुझे आशा देते हो

और मुझे सामना करने की हिम्मत

जब जीवन मुझे नीचे खींचता है

तुम मुझे संभाल लेते हो ।।

तुम मुझे देखभाल करना सिखाते हो

और साझा करने में मेरी मदद

मुझे ईमानदार बनाने में मददगार हो

दयालू और नम्र बनाते हो ।।

तुमसे प्यार सीखा

ऊपर से अनुग्रह केसाथ

मुझे अपनाते हो

दुख हो या सुख मुझे जीना सिखाते हो ।। “निवेदिता”

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I am a Soldier

I am away from home,

Do not think I am compelled

But my Nation needs me ..

I am as pious as Ganges ,

As tough as Himaylan Ranges,

the one Who brought greenery in the fall …

I am the only son of the house,

old mother waiting for me,

I am away from home ,

I am the regrets in pain,

I am thirst of the bride…

I am the water of her eyes ,

I am the arbitrator in the compulsion..

I am away from them

I am a Soldier

Fighting for the pride of my Nation.. “Nivedita”

शान

आन , बान , शान

आज नाज करें उन वीरों पर,

जो मान बड़ा कर आये हैं

दुश्मन को घुसकर के मारा,

शान बड़ा कर आये हैं।I

७ को घर में घुस कर मारा ,

७ को हूरों के पास पसारा ,

शान वतन की और बढ़ी ,

अरमान बड़ा कर आये हैं।।

एक शहीद तो सौ मारेंगे,

अब रीत बढ़ाकर आए हैं ,

हमें गौरव है उन वीरों पे ,

जो जान गवाँ कर आए हैं ।।

लहू का बदला सिर्फ लहू है,

लो लाशें यह बताकर आए हैं ,

ना जगह हो दफ़नाने की तो 

 क़ब्रिस्तान बढा कर आये हैं।।”निवेदिता”

P:S: सेना दिवस की बधाई 

नफ़रत /प्रेम

पूछती हूँ ख़ुद से हर बार – सब से बार बार ,

प्रेम में नफ़रत नफ़रत से प्रेम ,क्यूँ है इतनी असरदार ?

ऐसा क्यों लगता है कि नफरत इतनी बड़ी है?

प्रेम से बढ़कर नफरत बहुत मजबूती से खड़ी है ।

कुछ भी समान नहीं हो सकता है जो कि सच्चा है,

नफरत का भार सहने को मेरा हृदय अभी बच्चा है ,

ऐसा लगता है कि प्यार हवा की तुलना में हल्का है,

नफरत के खाते में नज़र डालें बस आँखों से छलका है।

प्यार वाहक को उसके मान को मजबूत करता है ,

इसलिए किसी को अपना वजन नहीं लगता है ,

आप जल्द ही सीखते हैं कि प्यार का घनत्व कितना है,

जबकि बड़े पैमाने पर नफरत का ढेर तराज़ू पे लगता है ।

आप समझते ही नहीं कि प्रेम धीरज है , दयालु है,

मक्खन है , खोखला नहीं , कठोर नहीं नर्म है

क्यूँ अपने आप को नहीं टटोलते ?क्यूँ नहीं ढूँढते है,

क्रोध और नफ़रत में डूबे बस बुराई ही सोचते है। “निवेदिता”

प्रेम

क्या कभी प्रेम किया है

प्रेम में दीवनापन क्या है ?

सोचिए और कहिए ,

क्या प्रेम पागलपन है ?

या प्रलोभन है ?

पागलों की तरह हैं;

आप सब देखना चाहते हैं

आप सब सुनना चाहते हैं

अपना प्यार जताना चाहते हैं

क्या प्रेम दीवनापन है ?

या आवारापन है ?

प्रेम की आवाज;

थका नहीं सकती हमें ,

आप आतुर हर पल

कुछ अपनी कुछ उसकी

कहने सुनने को

तुम्हारी प्रेम की गलती

एक शैली का कारण बनती है

यही प्यार कर सकता है;

यदिआप प्रेम में हैं,

तो आप जानते हैं;

यह प्यार करने के लिए अच्छा है,

और वास्तव में भी यही प्यार है.. निवेदित “निवेदिता “

ज़िंदगी

ज़िंदगी के थपेड़ों ने ,

ऐसा घायल कर दिया ,

दर्द से पीड़ित ,तड़प रही

ऐसा झँझोड़ा ज़िंदगी ने ।

न वक़्त देखा ना जगह ,

बेदर्द ज़माना हंस रहा ,

बात बात पे चिढ़ जाती हूँ ,

ऐसा चिढ़ाया ज़िंदगी ने ।

आँसू थमने का नाम न लेते

रो रो के हाल बुरा हो गया

रोना अब स्वभाव हो गया ,

ऐसा रुलाया है ज़िंदगी ने ।

खोया हार बार खोया है ,

पाने का कहीं नाम नहीं ,

लड़ते लड़ते थक गई 

खुद को ही खोया ज़िंदगी में ।.. “निवेदिता ” 

Best Mosquito killer or repellent you could ask for your child’s safety

Being a mum of a toddler, I always have to be on my toes to keep her safe and secure. The problem isn’t just humans but also the dreaded mosquitoes. The worst part about mosquitoes is that there is no permanent solution to get rid of them forever and that makes my job all the more difficult. But then, I need to have solutions that last long.

fabric roll on good knight

To start with, chemical sprays and repellents have always been a strict ‘No’ at my home. These chemical loaded mosquito repellents aren’t just bad for us humans but also for my little lab who hates the smell and feel. So, my first aid always has been the Mosquito racket. It is like my sword. No wonder, my mother-in-law often quips that ‘here comes our Jhansi ki Rani.’

These mosquito killer rackets are not just effective but also safe for everyone. However, they cannot be a permanent solution since carrying a racket at all times is not feasible. To keep ourselves and our family safe from the mosquito menace, one has to adopt a multi-pronged approach.

So, after a lot of research and experimentation, I zeroed upon the following tricks and products that work well for my family against mosquitoes without jeopardizing their health.

  1. Dhooni: This is the ‘Nani ka nuskha’ that has been coming to us since generations. Burning the dry peel of coconut shell is perhaps the most natural yet effective way of keeping any kind of insects at bay including mosquitoes.
  2. Essential oils: Essential oils like Neem and Eucalyptus also work wonders in warding off mosquitoes naturally. With antiseptic and mosquito-repelling properties, they are quite useful to keep mosquito-borne tropical diseases at bay. And what better than having the goodness of these oils in a handy product from a brand that you trust? The Goodknight Fabric Roll-On is 100% natural and made using these oils. Just 4 dots on clothes when you step outdoors to save yourself from getting bitten. It is paediatrician certified and absolutely safe for kids and babies. The 4 dots are to be applied on clothes for babies above the age of 2 months. For babies younger than that, the 4 dots can be applied on cots and prams.
  3. Coils: My mother and my mother-in-law swear by this oldest page in the book of mosquito repellents thanks to the Goodknight Activ+ Low Smoke coil! As the name suggests, this coil protects your family without emitting much smoke. Just light one and place it under the cot, to ensure 12 hours of protection.
  4. Patches: Just like the Fabric-Roll-On, Goodknight Patches too come handy when kids play outdoors. Thanks to their new Chhota Bheem designs, my daughter herself reminds me to apply one on her before she steps out to play.
  5. Liquid Vapourizers: The ultimate mosquito repellent for indoor mosquito protection has to be Goodknight Activ+ System. This liquid vaporizer comes with a dual mode advantage. One can switch to the 2x power mode when there are too many mosquitoes.

All these tricks and products have helped me prevent the mosquito-menace at home to a great extent. You can find more such tips about parenting from other parenting blogs Ridiculous as well. Along with these, ensure that there is no stagnant water in and around your house. For your indoor-garden, planting tulsi, mint, marigold, lemon or neem will ensure that you have greens without the mosquitoes. 

वफ़ा

पहले तो तेरे काँधे पे ,

सिर रख लेता था ,

जब ज़माने से ,

लड़ लेता था ,

तब तूँ वफ़ा की ,

रस्में निभाती थी ,

और मैं तुझे

बाहों में बाँध लेता था ।

अब तूँ तो नहीं ,

पर तेरी यादें,

हर लम्हा आती है ,

करवटों में रातें ,

गुज़र जाती है ,

नींद तो आती नहीं,

सपनो में तूँ फिर भी ,

खुलेआम सताती है ।

ना मैं भूल पाया ,

ना तूँने मनाया ,

जीने को बचा है

बस ग़मों का साया

माना के मैं ग़लत हूँ ,

पर ग़लती क्या थी?

वो तो बताके जाती।

ख़ैर !

समझाता हूँ दिल को ,

कि क्यूँ नाराज़ होना ,

और इंतज़ार करना ,

जनता है तूँ भी ,

के बेवफ़ा नहीं वो ,

मान जा ऐ दिल ,

बेकार है जिद्ध करना ,

उनसे वफ़ा की ,

उम्मीद करना .. #निवेदिता

नौसेना दिवस की बधाई

न देश रुकेगा न झुकेगा , 

बढ़ेगा बढ़ते जायेगा ,

हर कदम पर साथ होगा ,

संकल्पित हमारी ,

सैन्य शक्तियाँ, 

न थकेगा न डरेगा ,

न कमजोर पड़ेगा ,

थल जल वायु, 

सुरक्षित होगा ,

नौसेना का वाक्य ,

“शं नो वरुणः”

गुंजाएमान हर ओर ,

“नौसेना दिवस “को होगा ,

दृढ़ता से सुध्रिढ़ होगा ,

सैन्य शक्तियों से लैस ,

प्रहरी सीमा पे तटस्थ ,

तैय्यार करने को प्रहार ,

ग़द्दारों अब ख़ैर नहीं ,

हो जाओ ख़बरदार .. “निवेदिता”

नन्ही बिटिया

नन्ही बिटिया ,

नन्ही तुझको मैंने पाया

मेरे गोद की चंचल छाया,

चाँद से प्यारा ,

अंखियों का तारा

दूर सुधूर ,

क्षितिज सा नज़ारा,

नज़रों में फैला उजियारा ,

नयन तारों सी टिमटिमाती,

नन्ही कोंपल प्रस्फुटित ,

घर -आँगन महकाती,

कूकती कोयल सी “कूहू”

भागे नन्ही हिरणी हो ज्यूँ ।

मेरी पलकों में छाया,

सूर्या की किरणों में समाया ,

स्वप्निल सपनो का सरमाया ,

उज्जवल स्वर्णिम काया ,

उस पत्थर मैं भी मैंने तुझको पाया ,

जिसे सबने “भगवान “ बनाया ।”निवेदिता”