Best accessories to buy for your kid this monsoon

The monsoon is always something to look forward to, since it comes after the long and scorching summer.

Since I have a 12 year old daughter, I understand how difficult it is to keep your child safe from the various infectious diseases during monsoon. My daughter loves the rainy season, especially playing in the water puddles. But little does she know that her 30 minutes of happiness might bring bucket loads of tension for me. Still, I let my daughter enjoy herself and do not dampen her spirits.

Just let your child too enjoy the monsoon freely with these protective and ultra-stylish accessories:

rain-boots-umbrella-wetUmbrellas: Gone are the days of giant umbrellas with drab designs! Bring a wide smile to your little one’s face this monsoon by buying them their favourite cartoon character printed umbrellas. Not only will these ensure absolute safety, but will also add to their style quotient.

Rain Coats: It’s a given that rain jackets are vital for the monsoon wardrobe, but forget about those plain raincoats. Adorn your kids in these attractive and eye-popping raincoats this monsoon instead!

Rain Boots: Shoes for kids must be bought with extreme care. Kids love to play in the muddy puddles, splashing water around and sailing paper boats in there. Don’t worry moms! There are some awesomely designed rain boots this season.

Waterproof Watches: Fashion is always on my little one’s mind. So I have to be particular about her likes and dislikes. She is really fond of watches, hence I suggest waterproof watches as well.

Still, the mother in me cannot surely say that my child will be 100% safe from the mosquitoes breeding outside. During monsoon, standing water and puddles are a breeding ground for mosquitoes. It is crucial to prevent mosquito bites. But it’s not possible on the part of innocent kids to shoo them off!

That is why I trust only Good knight which has launched a really unique product. I am in love with their Fabric Roll-On!

Good knight Fabric Roll-On: It is a revolutionary way of repelling mosquitoes – it’s a 100% natural product made of citronella & eucalyptus oil. By just applying 4 dots of the Roll-On on clothes (it’s non-staining), one can stay protected from mosquitoes for up to 8 hours. Falling under the category of Personal Repellents (PR), it is an ingenious product for outdoor mosquito protection. And it is even more important to use mosquito repellent on kids when they are outdoors as dengue and chikungunya spreading mosquitoes bite during the daytime when kids are at school or out playing.

I am very sure that these accessories would have the desired effect on your kids this rainy season. You can set them free and let them enjoy the rains!  

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जीयो और जीने दो 

नन्ही मुस्कान को ज़रा पलने दो ,

मत तोड़ो उसे ,अभी खिलने दो ,

नयी कलियों को प्रस्फुटित होने दो ,

जो है सो है जैसा है उसे रहने दो
,

रज़ा उसकी मर्ज़ी में होने दो,


सुख दुःख के फेर शाश्वत है ,चलने दो ,

जो कहते हैं उन्हें कहने दो ,

सुनो सबकी, अपने मन की होने दो ,

बहते हुए भावों को ,अविरल बहने दो 

फल अच्छा या बुरा , मिलने दो 

ख़ुश रहो और ख़ुशी से रहने दो 

ज़्यादा नहीं तो बस “जियो और जीने दो “..  “निवेदिता “


P.S. : बेटियाँ  बाग़ में खिलती कलियों के समान हैं उन्हें प्रोत्साहित करो और आगे बढ़ने दो । बेटी को बचाओ और उन्हें पढ़ने दो ..  

शीर्षक

शीर्षक खोज रही हूँ 

स्वयं का ,यथार्थ का …

अस्तित्व का , स्वार्थ का ।।

अपनों का , पराये का ,

सारथी का , पार्थ का ,

अर्थ, और अर्थार्थ का , 

पौरुष और पुरुषार्थ का ..  ” निवेदिता”

 

मिट्टी के गणेश 

अचरज में मन ही मन मुस्कुराकर ,

जो मूरत बन बैठा है मुझे बनाकर ,


मिट्टी के माधो, मिट्टी का चाकर, 


ख़ुश है मिट्टी का गणेश बनाकर ।” निवेदिता”
PS: प्लास्टर ओफ पेरिस के गणपति की स्थापना करने के बजाए माटी के गणपति स्थापित करें 🙏आप सभी को गणेश चतुर्थी की बधाई :):) 

गणपति बप्पा मोर्या , मंगल मूर्ति मोर्या “

जनमष्टमी और स्वतंत्रता दिवस 

आज बहुत ही पावन दिन है जब पूरा देश स्वतंत्रता का पावन पर्व और जनमष्टमी का पावन त्योंहार एक साथ माना रहा है । देश की राजधानी दिल्ली में आज के दिन आसमान तिरंगों वाली पतंगो से लबालब डूबा रहता है और देशभक्ति सभी के जज़्बे मैं दिखती है । 

कुछ लमहें हमने भी उन्हीं में चुराए कुछ मस्ती और कुछ भक्ति में सराबोर । भगवान श्री कृष्ण के पराकट्योत्सव पर सुबह से ही मन में जोश था उसे और रंग दिया हमारे “प्रधानमंत्री जी श्री नरेन्द्र मोदीजी” की “न्यू इंडिया “की सोच और “सुदर्शनचक्र धारी मोहन और चरखेधारी मोहन ” के शब्दों की मिठास ने । 


” ना गोली से ना गाली से कश्मीर को शांतिमय बनाना है तो गले लगाओ ” शायद इनहीं शब्दों ने प्रौढ़ और युवा ही नहीं नन्हें बाल गोपालों का मन भी मोह लिया , मेरी बिटिया सुबह से ही मोदीजी के गुणगान करते नहीं थक रही थी की एक पतंग लूट कर उसके मुँह से अनायास ही सत्य निकला “मैंने मोदीजी लूट लिया ” कितना सत्य था ना कटुता ना छल , बस भोलापन पर भोलेपन में वो वह कह गई जो बिलकुल सत्य है।

हमारे प्रधानमंत्रिजी बच्चों के दिल में बसते हैं और मोदीजी के मन को लूटने वाले ये देश की आने वाली वो पीढ़ी है जो उनके न्यू इंडिया की सोच को साकार करेगी । 


जानती हूँ ना मोदीजी  इन शब्दों को सुन पाये ना ही इसे पढ़ पाएँगे उन्हें वक़्त नहीं होगा , परंतु “कुहु” जैसे कितने ही बच्चों के मन में छाप छोड़ने वाले ये उनके सूपर हीरो के लिए वे पथ प्रदर्शक हैं । अपने मन से कही बातों से उनके कोमल हृदय पर वे वो लिख रहे हैं , जो हम माता पिता होकर भी ना सिखा पाएँ शायद । 

“श्री कृष्ण ” के जन्म को अभी कुछ ही समय बाक़ी है सभी साथियों को इस पावन पर्व की बधाई ।हर घर झूले और दही हांडी है साथ ही आज हर कान्हा ने स्वतंत्रता का भगवा पहन रखा है , कुछ झलकियाँ आप सभी के साथ बाँट रही हूँ जो मैंने भी अपने छोटे से ठाकुर बाड़ी मैं सजाई है । मध्य रात्री का शृंगार तो अलौकिक होगा किंतु दिन का भी कुछ कम ना फबा मेरे लाला पे … 


आपकी “निवेदिता”..

बुराई

बुराई है, हाँ बुराई है

सब देखते बुराई हैं ,

खोजते बुराई हैं ,

लिप्त बुराई में ,

जब देखो तब ,

बस ढूँढते 

बुराई हैं |

बुरा है कौन ?

कहाँ बुराई है ?

क्यूँ जाने पर सब ,

कोसते बुराई है ।.. निवेदिता

छलिया

छलिया

मैं मीरा बन तड़प रही ,

वो गोपियों संग रचाए रास,

दूर बसी क्यूँ मीरा भाए ?

जब रहते राधा के पास ;

 मैं प्रेम में जोगन बनी , 

उनके मन को गोपी ही भाए ।

 मैं उनका नाम रटते नहीं थकती , 

उनको मेरा नाम नहीं भाए । 

पूजूँ नित प्रातःनिशि मध्याह्न , 

पर कान्हा तो रहा छलिया

सिर्फ़ दूसरों का ही रहता ध्यान ।। 

“निवेदिता”..

आभार 


व्यवहार कुशलता और माधुर्य,

आतिथ्य सत्कार और मिठास ,

संस्कृति विनम्रता और संस्कार ,

मानो अपना ही है यह इतिहास ,

दोस्त बनाना और निभाना ,

जन्म से अपने ख़ून में थी । 

मेहमान घर आए तो ,

घर सजाओ – ख़ूब पकाओ,

मनहवार कर कर के खिलाओ,

जैसा है वैसा ही अर्पण करो ,

आतिथ्य में कहीं कमी न हो ,

तन मन धन से लग जाओ ।

ऐसा भाव मेरे देश का है ,

आगंतुक अतिथि भी देवता है ,

और सच बोलूँ तो अहम मेरा ,

इसरायल ने आज तोड़ा है ,

हाथ मिला सकता था वो ,

पर हाथ जो ऐसे जोड़ा है ।


हमारे प्रधान सेवक की सेवा करने,
मानो  वो बिन जूतों के दौड़ा है ।

रूप रंग नहीं प्रेम का कोई ,

ना मित्रता की कोई जाती है ,

दोस्ती के रंग उन फूलों में,

बनकर यादें, महकाती हैं ।

दोस्ती की ऐसी तस्वीरों से,
दुश्मन के दिल जला रहे ,

झूठ की चादर ओढ़े ,

गीदड़ भबकि मार रहे ,

जब अंगूर खट्टे दिखने लगे,

खिस्याएँ चीनी खंबा नोच रहे । 

ऐसा आतिथ्य सत्कार पाकर ,

एक सवाल मन में कौंधा है ,

हम जैसा कहूँ ,या बेहतर है ?

यह कहना तो मुश्किल है ,

बस मेरा “आभार “ही उत्तर छोड़ा है । “निवेदिता ”


*Gratitude from Me and my Country to Israel and Prime Minister Sh. Benjamin Netanyahu .