हे राम!नहीं श्री राम कहो

राम लला को हम हरदम याद करते हैं या कहे प्रभू को पर दुखी स्वर में क्यों। गर हरदम करें तो शायद दू:ख हो ही न । बस इतना सा प्रयास और निवेदन .

IMG_20151230_170229399हे राम!नहीं श्री राम कहो,
हे , !दुःख करुणा का सूचक है,
जो याद प्रभू को करना तो,
दुःख में ही क्यूं याद करें,
नाम राम का हर पल लो, 
पर सुख में भी सुमिरन करो,
श्री , लक्षमी की का द्यूतक है
हर पल राम के चरणों में नमन🙏
नाम लेने से अगर सुख मिले,
तो हे !राम ,नहीं श्री !राम कहो,
क्योंकि श्री !,  हे!का पूरक है…. “Nivedita”