मंथन

!! मंथन समय का !! ऐसा नहीं है कि जिस समय को हम खराब मान रहे हैं, या‌ जब हमारा समय खराब आता है और कठीनाईया हमें घेर लेती है तब हमारे आस पास सब कुछ ही खराब हो रहा हो जबकी सत्य‌ यह है कि उस समय हमारे अन्दर इतनी नकारात्मकता भर जाती है की हमें हमारे आस पास घटित हो रही सकारात्मक बातें या घटना दिखाई ही नहीं देती । सकारात्मक सोच वो प्रयास है जो हमें अन्धेरे से उजाले कि ओर ले जाते हैं।

हमे हिम्मत मिलती है कठीनाईयो से लड़ने की और सही मायनों में सकारात्मक सोच से ही हम विजयी हो सकते है हमें हमेशा‌ सकारात्मक सोच से ही कार्यो को करना चाहीये ,चाहे रात कितनी ही घनेरी क्यों न हो आशा का ऐक दीप जलाके रखिये रात कट जाएगी और नई भोर अच्छे दिन जरूर लाएगी। दृढ़ संकल्प, अच्छी सोच ईश्वर में विश्वास और भगवत कृपा हमें नए रास्ते दिखते हैं और प्रयास करने की हिम्मत भी देते है।‌

सभी की भांति मैं भी व्यथित हो गई थी कि अब क्या होगा? यह कोरोना काल तो समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा है। तभी मेरे चाचा ने मुझे समझाया और उन्हींकी बातों से ही प्रेरित हो उनके शब्दों को यहाँ साझा कर रही हूं जानती हूं आप लोग भी ऐसी ही दुविधा में होंगे जैसे कि मैं।

यूँ तो law of attraction भी यही कहता है जैसी सोच होगी वैसा ही होगा, हम जैसा सोचते रहेंगे नियती वैसा ही हमारे लिए भविष्य में परोसती रहेगी इसलिए सोच में सकारात्मकता रखें थोड़ी सी और हिम्मत रखें जिस प्रकार अच्छा समय ज़्यादा दिन नहीं रहते बुरे दिन भी बीत जाएंगे। इन्ही शब्दों के साथ आज विराम लेती हूँ और फिर मिलूंगी, मंथन चाचाश्री के नए शब्दों और विचारों के साथ। ज्योत्स्ना “निवेदिता”