Winter’s Call

A Crack Lip , Raw Skin , Blue Toes ,

Whilst Frost biting my Nose .

Recollecting the Shades of Blues and Purples

with a Tone of Yellow blending with Red 
Trying to step out of my Cozy bed.


The Sheet of Mist with Silvery Gleam
Smell of Fog Gusting Frosty Breath


Reminiscing the Wind Whistling your Name
Frigid Blow tough Makes me Bawl


Scent of Love started to Crawl
with the Winters Call….”Nivedita”


Advertisements

शहादत

ख्वाब जाने कितने कल के , अगले पल की खबर नहीं,

सोचा जो वो होता नहीं, जो होता वो सोचा नहीं ,

चाहा जो वो पाया नहीं, जो पाया वो चाहा नहीं ,add-heading

 

घर से निकल गोद में लेने , कन्धा देने पहुँच गए ,

उन मासूमों की जान बचाने ,अपनी जान पे खेल गए ,
नमन उन शहीदों को जो हम सोये , सो सोये नहीं ,
हम हंस रहे खुशियों के दामन में ,है तैयारियां दिवाली की , ..
धन्य उस पिता की छाती को जो खुलके रोया भी नहीं 
अश्रुधारा में बहते हुए उस माँ का रुदन रुकता नहीं |
काली अमावस छायी है  वहां ,तभी  नन्हा पोता बोल रहा 
न रोना माँ और दादी तुम , मैं हूँ , तो क्या अब बाबा नहीं !
मैं जल्दी बड़ा हो जाऊंगा और  ज्यादा तमगे लाऊंगा 
जो बाबा दस से भिड़े, मैं बीसों से भिड़ जाऊंगा 
जन्म -मरण का खेल देखो ,हल्ला दोनों ओर ही,

एक है कलरव ,एक रुदन है ,समय एक बस जगह नहीं ,

उत्सव जन्म का मनता कहिं ,तो तांडव मृत्यू का मचा कहीं। .. निवेदिता