रंगरेज़

बुनी चादर बुनकर ने ,

लगा धागा प्रेम का ,

रंग डाले सब रंग खुशियों के ,

चुनर रंगी रंगरेज़ ने। .…

 जीवन झीनी चदरिया ,


ओढ़ाई मात-पिता ने  ,      

सुख दुःख के साथी संग ,

ज्ञान का सागर आप बने। …. 


मेरी कश्ती के खेवय्या आप ,

आप ही बने मेरे सूत्र धार ,

पथ दर्शक जीवन के ,

पथ प्रेरक भी आप हैं ।..


मैं बूँद स्वाति की ,

आप सीप मेरे जीवन के ,

संरक्षण दे अपनी छांव में ,

मुझे मोती बनाया आपने ।…



जीवन दिया मुझको ,

ऋण उसका चुकाऊं कैसे,

इन्द्रधनुष हो आप मेरे ,

रंग भर दिए खुशियों के। …….” निवेदिता”

Advertisements

43 thoughts on “रंगरेज़

      1. सही है ज्योत्सना जी,
        इंसान सात जन्मों तक चाहा कर भी नहीं हो सकता! ईश्वर सदैव उनका हाथ आपके सर पर रखे!

        Liked by 1 person

  1. वाह! बेहतरीन जज़्बातों को क्या खूबसूरती से शब्दों में पिरोया है…बहुत दिनों के बाद आपकी कविता पढ़ने का मौका मिला…बेहद खूबसूरत 🙂

    Liked by 1 person

    1. आभार अमित ,आप बहुत दिनो बाद आए , पढ़ने और सराहने के आपका धन्यवाद ये मुझे प्रोत्साहित करता है ।

      Liked by 1 person

      1. नियमित रूप से ऑनलाइन आ पाना बहुत मुश्किल है मेरे लिए पर ऐसे सुंदर काव्य पढ़ने को मिलें तो बहुत खुशी भी होती है |share करने के लिए शुक्रिया 🙂

        Liked by 2 people

        1. सही बात है, पर सच में आपका पढ़ना और प्रोत्साहित करना मी लिए सौभाग्य पूर्ण है । आप जैसे कुशल इंसान , और अच्छे लेखक का पढ़ना मात्र ही गौरव की बात है । एक बार फिर आपका आभार और धन्यवाद

          Liked by 2 people

            1. Hehe.. Hey so much of formalities, too much .. I am not that kind , hey pal thankz 🙂 m not any writer like u , so no point of protsahan, I have read your work thats out of the world a doc who is multilingual, an artist and so generous, hatsoff .. U r too kind .. Thanks for being here Amit 🙂

              Liked by 2 people

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s