रंगरेज़

बुनी चादर बुनकर ने ,

लगा धागा प्रेम का ,

रंग डाले सब रंग खुशियों के ,

चुनर रंगी रंगरेज़ ने। .…

 जीवन झीनी चदरिया ,


ओढ़ाई मात-पिता ने  ,      

सुख दुःख के साथी संग ,

ज्ञान का सागर आप बने। …. 


मेरी कश्ती के खेवय्या आप ,

आप ही बने मेरे सूत्र धार ,

पथ दर्शक जीवन के ,

पथ प्रेरक भी आप हैं ।..


मैं बूँद स्वाति की ,

आप सीप मेरे जीवन के ,

संरक्षण दे अपनी छांव में ,

मुझे मोती बनाया आपने ।…



जीवन दिया मुझको ,

ऋण उसका चुकाऊं कैसे,

इन्द्रधनुष हो आप मेरे ,

रंग भर दिए खुशियों के। …….” निवेदिता”

गुरुपूर्णिमा

सादर जय श्रीमन्नारायण ,
। अस्मद् गुरुभ्यो नमः । अस्मद् परम गुरुभ्यो नमः । अस्मद् सर्व गुरुभ्यो नमः । श्रीमते रामानुजाय नमः । श्री श्रियै नमः । सर्वेभ्यो ब्राह्मणेभ्यो नमः । सर्वेभ्यो संत वैष्णव चरण कमलेभ्यो नमः ।
श्री जानकीश्वर-पदाब्जधनं महान्तं श्री बालमुकुन्ददेशिक पदाम्बुजभृग्ङराजम् । श्रीवीरराघवदयार्द्र कृपावतारं श्रीजानकीशपदपद्मपरागभृंगम् श्रीश्रीधरार्यचरणाम्बुजलग्नमौलिं श्रीदेशिकार्यघनश्यामगुरुंनमामः॥

सभी गुरुजनों को बारम्बार प्रणाम । 

जगदगुरू श्री घनश्यमचार्यजी महाराज, झालरिया मठ 

जगदगुरू डॉक्टर श्री जयकृष्णदेवाचार्यजी  ,

निम्बार्क पीठ , काचरिया

जगदगुरू स्वामी श्री विष्णुप्रपन्नाचार्य जी महाराज , नगोरिया मठ

जगदगुरू स्वामी श्री वेंकटेशचर्यजी महाराज , श्रीवत्स मठ चंदोद 

युवराजस्वामी श्री भूदेवचर्यजी महाराज , झालरिया मठ


सभी गुरुजनों को गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उनके श्री चरणों में प्रणाम 🙏🙏🙏

Words !!

“Words ” My words his words , their Words forms a Poetry.. A little effort ,started as a game ended into a beautiful Poem .

We as a Family @”Bloggers Junction” tried to write poem on ” Words” . 

The members and my friends gifted me their words , and also gave me the proud opportunity to post it on my blog . 

” Word ” Sound same to everyone but means different to all .. Everyone wrote on the same topic, astonishingly none was same , this experience and experiment from different poets , at one platform . 

I am sharing it with you all . 


As err is human , and Human is err and so am I so any mistakes from my side in compling or posting kindly forgive 🙂 .




Words !! 

We hear them through our ears 

They touch our heart 

Hear them from ears , and 

They touch our soul .. “Anuj”


Words !!

Are which she’s writing a story 

Arranging the sentences 

Setting few probes 

Adding few Words ..”Nikita”


Words !!
Which are small yet meaning big

Big yet meaning small

Which heal all wounds 

And soothen our Mind .. “Anuj”


Words !!

Which wants to say a lot,

Wants to scream out loud ,

They rest in her mounting her eyes,

Rolled down her cheeks 

turned into wails and cries.    “Ishika”


Words !!

The Poetry runs through 

her Heart,

He didn’t feel it though..

For him ..

Its just words .. “Nikita “


Words !!

Words can never be enough to 

Define the kindness in her heart ,

The depth in her thoughts ,

Or the magic in her eyes..”Vicky”


Words !!

She dares to speak the World 

She cares to express to him 

She shares in loving everyone 

But no one care for the word,

she existed on … Nivedita 


“Words “here we conclude :


Words :

Words can never be enough

to define the beauty of her heart ..vicky 


Words :

 are only “Myth”..Nivedita 


Words :

without them 

reality would be so different! 

..“Ash”


Words :

Mending all those worn out

Pieces of the soul .. “Anuj “


Words :

Dancing in her thoughts 

Yet silently then Hollowing her 

..”Ishika”


Words :

slowly killed her 

By only ” Words” … “Nikita “


*Suggestions and criticism welcome. 


You can read our blogger pals at : 

http://amzingishika.wordpress.com/

http://onthissideoftheworld.wordpress.com/


http://thenikitadongare.wordpress.com/

https://vaayadipennu.wordpress.com/

https://myscribbless.wordpress.com/





शब्द 

छोटी सी बगिया है हमारी जिसका नाम है “Bloggers Junction” जहाँ  एक से बढ़कर एक , हर तरह के “शब्दों “के खिलाड़ी मौजूद हैं , जो शब्दों से खेलकर नए नए फूल खिलाते हैं ,और हमारी बगिया को शोभायमान करते हैं । आज की संरचना सभी के शब्दों का निचोड़ है .. सभी ने अपने शब्द मेरी कविता के लिए दिए हैं .. मैं उन सभी की आभारी हूँ और गौरवान्वित हूँ की मेरे ब्लॉग पे यह कृति पेश की जा रही है .. 


P. S. : शब्द पे लिखी गई यह करती सभी की कविताओं का मिलन है । आशा है हमारा यह प्रयास  सभी को पसंद आएगा 


“शब्द”

ओ शब्द!

गरल न तुम हो जाना,

तोड़ न देना कोई

रिश्ता पुराना।


ओ शब्द !

रिश्तों में मिश्री
तुमसे ही हो,

प्रसन्नता का तुम

सबब बन जाना।


ओ शब्द!

पहचान मेरी

तुम ही बनो

और रचना की तुम

गरिमा बन जाना।.. आरती मानेकर 


ओ शब्द !
तुझे स्वप्न नगरी से बाहर 

“स्वप्निल “को जोड़ा 


ओ शब्द !

कहीं अग्नि की ज्वलन 

सागर से बुझाकर 

सौंदर्य की किरणों 

से ओजस्वी बनाया 


ओ शब्द !

 लेखनी से घिसकर

सुहागे से चमकाकर

शब्द तुझे स्वर्णिम बनाया .. स्वप्निल 


ओ शब्द !

मेरे शब्द अब मेरे नहीं 

जो कविता बन पाते,

वो जो “रमन” को कवि बना पाते ,

लिखने की कला भी नहीं  

मुझ अनपढ़ को शब्दों का खेल ,

समझ नहीं आया ।


ओ शब्द !

धन्यवाद उसे जो मेरी सोच को बदल कर 

मुझे अपना बना लिया 

मेरे शब्द उनके शब्दों से जोड़कर 

जीने का फलसफ़ा सिखा दिया.. रमनप्रीत 


ओ शब्द !
अब तो उनके शब्दों से 

अपने शब्दों से मिलाना ,

जहाँ शब्द मेरे और 

गीत उनके हों , ऐसा 

सुँदर संयोग बनाना ।


ओ शब्द !

वो शब्द जो मेरे आकार बने ,

दोनों के शब्दों का मिलन हो जाए 

जहाँ आप से वो तुम बन जाये 

और गीत, मेरे प्रीत के गाए .. निवेदिता 


ओ शब्द !
अब सोच मेरी ,शब्द उनके हों 

अहसास मेरे ,शब्द उनके हों 

उमंग मेरी शब्द उनके हों 

ख़ुशी मेरी ,शब्द उनके हों 

आस मेरी ,शब्द उनके हों 

उम्मीद मेरी ,शब्द उनके हों 

ऐसी लगन , कि बोलूँ तो मैं पर 

“शब्द ” सिर्फ़ उनके हों .. धीरज आनंद 


इन शब्दों के साथ एक नया शब्द आकार किया एक नई कोशिश को साकार किया … निवेदिता 🙏

सभी साथियों की कृतियों को आप यहाँ पढ़ सकते हैं :

http://ramandipreet.wordpress.com/

http://poemsbyarti.wordpress.com/

http://fairytaleofsimplegirl.wordpress.com/

http://extinct0703.wordpress.com/





Abode of Clouds 

“Meghalaya ” Name itself defines “मेघों का आलय” “Abode of Clouds , Shillong the Capital of Meghalaya and the Fashion Capital of India, is also known as the Scotland of East. Mother Nature is at its peak at Shillong , When we walk in the mist it feels like you are in heaven. Beautiful Shillong beautiful clouds and Mother Nature blessing Man kind . 

Clouds and clouds ..
My thoughts like them 

All over my mind , 

Like the  clouds In the sky 



My dreams in them 

Crafting the shapes 

Like the clouds in the sky


My courage and strength   

Has no limits and no end 

Like the clouds in the sky

My love for you 

showering and pouring 

Like the clouds in the sky


My little heart 

Soft with silver line 

Like the clouds up in the sky .. “Nivedita”

#photographs #nature#emotions

फूल 

जब मैं मौन हूँ तो गौण नहीं ,कहीं विस्मृत हूँ शायद 

शायद, इन हवाओं में , इन फ़िज़ाओं में कहीं 

कहीं ,इन फूलों में तो नहीं ? या फिर शायद हाँ 

हाँ !इन फूलों में, जहाँ शब्द हार जाएँ फूल बोलते हैं


बोलते हैं श्रीमान ! ज़ुबान से नहीं रंगों से अपने

अपने महक से , सौंदर्य से मिठास से,


मीठास से रस घोलते हैं , ठग लेते हैं काले भ्रमर को 
भ्रमर को आसक्त करते है , की वो उनमें खो जाये 

जाये तो कहाँ जाये , लट्टु इस चर्म तक की न जाने 

जाने -अनजाने ,कब शाम ढल जाए और वह,

वह ,पगला ! उन फूलों की महक में डूबा अपने प्राण खो दे .. 

 “निवेदिता ”


#सिंह अवलोकन छँद  # photography # Nature